उत्तराखंड को नशा मुक्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. वहीं, देहरादून में कई ऐसे ड्रग्स पैडलर हैं जो अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. अब जिला प्रशासन में नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है. नशे को नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने ड्रग पैडलर्स और संवेदनशील क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कराने का निर्णय लिया है.
देहरादून जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए जीआइएस यानी जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम आधारित मैपिंग शुरू करने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य जिले के संवेदनशील क्षेत्रों और नशे के संभावित नेटवर्क की सटीक पहचान करना है. जिला प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन और वैज्ञानिक तरीके से की गई मैपिंग से नशा तस्करी के हॉटस्पॉट चिन्हित करने में मदद मिलेगी
